- Riteish Deshmukh takes a leap into Telugu cinema with Ram Pothineni’s RAPO23
- From Ananya Panday to Kashika Kapoor to Janhvi Kapoor - 5 OG Bollywood Beauties Who Will Give You the Perfect Garba Looks You Need This Navratri
- From Reena Malhotra to Kamalpreet Dhanoa: 25 Years of Dia Mirza and Her Evolution as an Actor
- Who is Pragati Srivastava? The Fresh Face Set for a Promising Bollywood Debut with Aanand L Rai’s Nakhrewaalii
- Mia by Tanishq Launches "Lightscapes": A Jewellery Collection Inspired by the Magic of Festive Lights
सेमिनार में विशेषज्ञ डॉक्टर्स बताएंगे एप्लास्टिक एनिमिया के खतरे, बचाव और इलाज के तरीके
3 मार्च को आयोजित किया जाएगा नि:शुल्क एप्लास्टिक एनिमिया अवेयरनेस सेमीनार
सेमिनार में डॉक्टर एके द्विवेदी, डॉ. वैभव चतुर्वेदी, डॉ. संगीता पानेरी और डॉ. रिषभ जैन करेंगे संबोधित
इंदौर। आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा 3 मार्च 2020 को एक दिवसीय नि:शुल्क एप्लास्टिक एनिमिया अवेयरनेस सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया परिसर में होने वाले इस सेमिनार में शहर के तीन प्रसिद्ध डॉक्टर्स एनिमिया के बारे में जागरुक करने के साथ ही उसके कारण खतरों, बचाव और इलाज की जानकारी देंगे। सेमिनार, मेडिकल और हेल्थ मैग्जीन सेहत एवं सूरत और एडवांस्ड होम्योपैथिक मेडिकल रिसर्च एवं वेलफेसर सोसायटी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। नि:शुल्क सेमिनार के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।
सेमिनार में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल होने वाले डॉ. एके द्विवेदी ने बताया- आमतौर पर एनिमिया को लोग छोटी बीमारी समझते हैं और इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसके लिए जागरुकता सेमिनार भी आयोजित नहीं किए जाते जबकि ये एक ऐसी बीमारी है, जो कई अन्य बीमारीयों को जन्म देती है। दांतो या मसूड़ों से लगातार खून निकलना, लंबे समय तक मासिक धर्म की समस्या से ग्रस्त रहना और पाइल्स की वजह से मल में खून आना, इनमें से किसी भी कारण से व्यक्ति एप्लास्टिक एनिमिया का शिकार हो सकता है।
कई लोग बुखार, जोड़ों में दर्द या स्कीन की समस्या की दवाई खुद ही लंबे समय तक लेते रहते हैं उन्हें भी एप्लास्टिक एनिमिया होने की आशंका ज्यादा रहती है। बगैर डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक किसी भी दवाई को लेना एनिमिया को आमंत्रित करता है। किमौथैरेपी के कारण भी एनिमिया भी होने का खतरा रहता है। हम ऐसी गंभीर बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करना चाहते हैं। यदि लोग शरीर में हिमोग्लोबीन की मात्रा बनाएं रखें और नियमित हिमोग्लोबीन की जांच करवाते रहें तो एनिमिया सहित कई बीमारियों से बच सकते हैं।
एनिमिया के खतरों के साथ उसके बचाव और इलाज की जानकारी देने के लिए ही ये सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। 3 मार्च को सुबह 9 से 10 बजे तक रजिस्ट्रेशन होंगे। 10.30 से 11 बजे तक उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सेशन 11 से 1 बजे तक चलने वाले सेशन में विभिन्न जानकारियां दी जाएंगी।
इस सेमिनार में रजिस्ट्रेशन के लिए निम्न मोबाइल नंबर्स पर संपर्क किया जा सकता है :-
9993700880, 9826014865, 9977759844 & 0731 4989287


